यदि ऐसी है लाइफ स्टाइल तो आपको भी हो सकता है कैंसर..!

नुमान है कि हर साल करीब 76 लाख लोग इस बीमारी से ग्रस्त होकर जान खो देते हैं. (फोटो : pixabay.com).
नुमान है कि हर साल करीब 76 लाख लोग इस बीमारी से ग्रस्त होकर जान खो देते हैं. (फोटो : pixabay.com).

विश्व की जानलेवा बीमारियों में सब से भीषण है कैंसर. अनुमान है कि हर साल करीब 76 लाख लोग इस बीमारी से ग्रस्त होकर जान खो देते हैं. यही नहीं, इस का इलाज सब से अधिक खर्चीला भी है. कभी-कभी मात्रा एक इंजेक्शन पर पन्द्रह लाख रुपए खर्च करने पड़ते हैं. हालांकि सरकार ने कैंसर की दवाइयों के दाम कम किए हैं जो कैंसर पीड़ितों के लिए राहत की बात है.

क्यों होता है कैंसर
कैंसर की सबसे बड़ी वजह है हमारी लाइफ स्टाइल. यदि जीवनशैली में आवश्यक सुधार लाएं तो 70% बचाव की संभावना होती है. ध्यान रखें कि एक्सरसाइज ना करना हर प्रकार की बीमारी को निमंत्रण देता है. जरूरी है कि रेग्यूलर एक्सरसाइज की आदत डालें. घूमना और चलना अच्छी एक्सरसाइज. चलें और चुस्त रहें.

खाने का रखें ध्यान
लाइफ स्टाइल में सबसे बड़ी चीज है स्वाद पर नियंत्रण. सामान्य और परंपरागत खाने में कई प्रकार की अच्छाइयां हैं. आधुनिक ढंग से फास्ट फूड में ऐसे कई घटक हैं, जो कैंसर को निमंत्रण देते हैं. नॉनवेज की मात्रा कम करते जाएं और वेजिटेरियन की मात्रा अधिक. पीले रंग के फल साग सब्जी आदि उत्तम हैं.

हमारे पास बैठे व्यक्ति यदि सिगरेट पीता है तो उस धुएं का एक अंश हमारे फेफड़ों में भी पहुंच सकता है और हमें रोगी बना सकता है. (फोटो : pixabay.com).
हमारे पास बैठे व्यक्ति यदि सिगरेट पीता है तो उस धुएं का एक अंश हमारे फेफड़ों में भी पहुंच सकता है और हमें रोगी बना सकता है. (फोटो : pixabay.com).

बचें स्मोकिंग और तंबाकू के सेवन से
धूम्रपान और तंबाकू का अन्य प्रकार का उपयोग खतरा मोल लेता है. पुराने जमाने में हालांकि पान खाते थे, तो भी उसके साथ तंबाकू नहीं लेते थे. अब तो पान मसाला, पान पराग, सिगरेट, बीड़ी जैसे कई रूपों में तंबाकू का उपभोग किया जाता है. मुंह के कैंसर का एक मुख्य कारक तंबाकू है. स्कूलों के छोटे-छोटे बच्चे भी पान मसाले के शिकार हुआ करते हैं. खास बात यह है कि हमारे पास बैठे व्यक्ति यदि धूम्रपान करें तो उस धुएं का एक अंश हमारे फेफड़ों में भी पहुंच सकता है और हमें रोगी बना सकता है.

शराब कैंसर का बड़ा कारण
शराब भी कैंसर का एक मुख्य कारण है. दुर्भाग्य से हमारे समाज में शराब का उपयोग दिनों-दिन बढ़ता जा रहा है. यहां तक कि स्कूल कॉलेज लैवल के छात्रा भी इस के शिकार हो रहे हैं. खाने के नाम पर घर से पैसा लाना और शराब खरीद कर एक साथ बैठकर मौज में शराब पी लेने की आदत कुछ दिनों में उन्हें पक्का शराबी बना देती है. इसके अलावा ऑफिस, मीडिया लाइन और कई दूसरे पेशों में लड़कियों को भी सिगरेट और शराब की लत लग रही है. महिलाओं में सिगरेट की लत आगे चलकर उन्हें लंग्स से लेकर गर्भाशय का कैंसर तक देती है.

महिलाएं घरेलू कामों में उलझी रहती हैैं. उन्हें एक्सरसाइज के लिए जरूर समय निकालना चाहिए.
महिलाएं घरेलू कामों में उलझी रहती हैैं. उन्हें एक्सरसाइज के लिए जरूर समय निकालना चाहिए.

महिलाओं को करवाना चाहिए ये जांचे
महिलाओं को चाहिए कि समय रहते ही स्तन और गर्भाशय के कैंसर की जांच कराएं. प्रारंभिक लक्षणों को पहचानने के लिए समय-समय पर चेकअप करा लें. समय पर चिकित्सा मिलने पर रोग मुक्ति की बहुत संभावना है. अनेकों गरीब कैंसर रोगी पैसे के अभाव में पर्याप्त उपचार से वंचित रह जाते हैं और अथक पीड़ा और दर्द सहते हुए एक दिन मर जाते हैं. इन में छोटे बच्चे भी हैं.

कैसे बचें कैंसर से
बेहतर होगा कि अपनी लाइफ स्टाइल को बदलें. खान-पान में बदलाव लाएं. एक्सरसाइज या योग को अपनी जिंदगी का हिस्सा बनाएं. डिब्बा बंद पदार्थों, प्लास्टिक के बर्तनों में चाय, गर्म खाना खाने से बचें. विशेष रूप से पॉलीथिन में. यदि घर में किसी को कैंसर है तो जैनेटिक रूप से बचाव के लिए समय- समय पर जांच करवाते रहें.   

नोट: कैंसर से संबंधित किसी भी प्रकार की जानकारी के लिए विशेषज्ञ डॉक्टर से संपर्क करें. ये लेख आपकी जागरूकता और कैंसर की जानकारी बढ़ाने हेतु साझा किया गया है. 

(इस लेख के विचार पूर्णत: निजी हैं. India-reviews.com इसमें उल्लेखित बातों का न तो समर्थन करता है और न ही इसके पक्ष या विपक्ष में अपनी सहमति जाहिर करता है. यहां प्रकाशित होने वाले लेख और प्रकाशित व प्रसारित अन्य सामग्री से जुड़े सभी दावे या आपत्ति के लिए सिर्फ लेखक ही जिम्मेदार है. आप भी अपने विचार या प्रतिक्रिया हमें editorindiareviews@gmail.com पर भेज सकते हैं.)

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *